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दादा का महल: 48 कमरों का घर, ₹40 करोड़ की कीमत!

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और 'प्रिंस ऑफ कोलकाता' के नाम से मशहूर सौरव गांगुली की लाइफ जितनी शानदार रही है, उनका घर भी उतना ही खास और जानदार है. कोलकाता के बेहाला इलाके में बीरेन रॉय रोड पर बना उनका पुश्तैनी घर देखकर कोई भी कहेगा, 'वाह, क्या बात है!' लगभग ₹40 करोड़ की कीमत वाला यह घर सिर्फ चार दीवारें नहीं, बल्कि गांगुली परिवार की कई पीढ़ियों की यादों और क्रिकेट की अनमोल विरासत को समेटे हुए है. सोचो ज़रा, 48 कमरे! यानी हर कोने में एक अलग कहानी, एक अलग अंदाज़. यह घर इतना विशाल है कि इसमें परिवार के साथ सुकून से समय बिताने से लेकर मेहमानों के स्वागत तक, हर चीज़ के लिए अलग और पर्याप्त जगह मौजूद है.

लिविंग एरिया और डाइनिंग एरिया

घर का लिविंग एरिया काफी खुला और सादा है, पर इसमें एक अजीब सा सुकून है. यहाँ दीवारों पर क्रीम और सफेद जैसे हल्के रंगों का इस्तेमाल किया गया है, जो घर में सुकून का माहौल बनाते हैं. बड़े-बड़े शीशे वाली खिड़कियों से कमरे में अच्छी धूप आती है. सौरव को घर में हल्के रंग ही पसंद हैं क्योंकि उनका मानना है कि ऐसे रंग मन को शांति देते हैं. चमकीले लाल या नीले जैसे भड़कीले रंग उन्हें बिल्कुल नहीं भाते.

डाइनिंग एरिया भी कम खास नहीं है. यहाँ आठ लोगों के बैठने के लिए एक विशाल डाइनिंग टेबल लगी है, जिसके साथ क्रीम रंग की कुर्सियाँ हैं, जिन पर सुनहरे रंग की कलाकारी की गई है. दीवारों पर पुराने जमाने की खूबसूरत अलमारियाँ और सजावट का सामान रखा है. एक पुराना टीवी, तस्वीरों के फ्रेम और ऐसी ही कई छोटी-छोटी चीजें इस जगह को और भी पर्सनल बनाती हैं. दीवारों पर लगी कलाकृतियाँ और हल्की, आरामदायक रोशनी पूरे कमरे को एक रॉयल लुक देती है.

दादा का 'अर्ली मॉर्निंग कॉर्नर' और 'ट्रॉफी रूम'

पूरे घर में एक जगह ऐसी है, जो सौरव गांगुली को सबसे ज्यादा पसंद है – उनका 'अर्ली मॉर्निंग कॉर्नर'. यह वो कोना है जहाँ से दादा अपने दिन की शुरुआत करते हैं. इस कमरे की दीवारें हल्के हरे रंग की हैं और यहाँ ऑलिव ग्रीन कलर का सोफा रखा है. सौरव हर सुबह इसी जगह बैठकर अपनी चाय और बिस्किट एन्जॉय करते हैं, साथ ही अख़बार पढ़ते हैं. उनकी आदत है कि वो सबसे पहले अख़बार में खेल से जुड़ी खबरें देखते हैं और फिर बाकी खबरों पर नज़र डालते हैं. ये कोना उनके लिए सिर्फ चाय पीने की जगह नहीं, बल्कि उनके दिन की शांतिपूर्ण शुरुआत का एक अहम हिस्सा है.

लेकिन इस घर का असली दिल है उनका ट्रॉफी रूम. ये सिर्फ एक कमरा नहीं, ये दादा के पूरे क्रिकेट करियर का आईना है! इस कमरे में उनकी ट्रॉफियां, तस्वीरें और क्रिकेट से जुड़ी हर यादगार चीज सहेज कर रखी गई है. सौरव के लिए ये ट्रॉफियां सिर्फ मेडल नहीं, बल्कि उनके जीवन के खास पल हैं, हर जीत की कहानी है. इस कमरे को उनके पिता ने खुद अपनी देखरेख में तैयार करवाया था, क्योंकि उन्हें क्रिकेट से इतना लगाव था कि उन्होंने कमरे में रखी हर तस्वीर और ट्रॉफी को खुद अपने हाथों से सजाया था. यहाँ आपको इंग्लैंड में लगातार दो टेस्ट शतक लगाने की यादें ताज़ा करती 21 साल पुरानी शैंपेन की बोतलें भी मिलेंगी, और तो और, कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते समय इस्तेमाल किए गए उनके हेलमेट भी यहीं रखे हैं. ये कमरा दादा की मेहनत, लगन और क्रिकेट के प्रति उनके असीम प्रेम की गवाही देता है.

घर के बाहर भी क्रिकेट ही क्रिकेट

सिर्फ अंदर से ही नहीं, सौरव गांगुली का घर बाहर से भी बेहद खूबसूरत दिखता है. घर के चारों ओर बड़े-बड़े पेड़ और हरे-भरे पौधे हैं, जिससे एक दम शांत और प्रकृति से जुड़ा माहौल बना रहता है. उनका बैकयार्ड तो और भी खास है! इसमें दौड़ने के लिए एक शानदार ट्रैक बनाया गया है, जिसके किनारों पर सफेद और लाल रंग की टाइलें लगी हैं. और हाँ, एक छोटा सा क्रिकेट पिच भी है! यानी चाहे घर के अंदर हों या बाहर, दादा क्रिकेट से कभी दूर नहीं रह सकते. आखिर 'क्रिकेट' उनके खून में जो है, है ना?

सार्वजनिक स्रोतों, विकिपीडिया, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और टिकटॉक से जानकारी के साथ।

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